केदारनाथ धाम यात्रियों से ₹11.25 लाख का ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

केदारनाथ धाम यात्रियों से ₹11.25 लाख का ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

जब पेन्टा रतनाकर, श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश और उनके साथी 24 भक्त गुप्तकाशी पहुंचे, तो वे केवल एक हेलीकॉप्टर टिकट की उम्मीद में थे। लेकिन वास्तविकता ने उन्हें एक कड़वा सच दिया—उनसे ₹11.25 लाख की ठगी की गई थी। यह घटना सोमवार, 25 मई 2026 को हुई, जब चार आरोपियों ने आंध्र प्रदेश से आए इस समूह को बेवकूफ बनाया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

यह कोई अलग सी घटना नहीं है। हर साल चार धाम यात्रा के मौसम में ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां अपराधियों का लक्ष्य श्रद्धालुओं की भावनाओं और उनकी वित्तीय स्थिति होती है। इस बार however, ठगी की राशि और तरीका काफी चौंकाने वाला था।

ठगी की विधि: बेटिंग एंड स्विच (Bait-and-Switch)

मामले की जांच करने वाले डीएसपी विकास पुंडीर, रुद्रप्रयाग पुलिस ने बताया कि ठगी की शुरुआत एक सरल प्रस्ताव से हुई। साहारा टूर्स एंड ट्रैवल्स, जो दिल्ली स्थित एक एजेंसी है, ने यात्रियों को गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुक करने का झांसा दिया।

प्रक्रिया कुछ इस प्रकार थी:

  • प्रारंभिक शुल्क: एजेंसी ने प्रति व्यक्ति ₹15,000 लिया।
  • अतिरिक्त मांग: जब यात्री गंगोत्री से गुप्तकाशी पहुंचे, तो एजेंसी ने अचानक कहा कि टिकट के लिए अतिरिक्त ₹30,000 प्रति व्यक्ति चाहिए।
  • परिणाम: कुल ₹45,000 प्रति व्यक्ति लेने के बाद भी, किसी को भी टिकट नहीं मिले।

25 यात्रियों से कुल ₹11,25,000 की राशि जुटाई गई। जब यात्रियों को एहसास हुआ कि उनका धोखा दिया गया है, तो उन्होंने तुरंत शिकायत दर्ज कराई। यह 'बेटिंग एंड स्विच' तकनीक आज के डिजिटल युग में साइबर अपराधियों द्वारा अक्सर इस्तेमाल की जाने वाली एक पुरानी लेकिन प्रभावी रणनीति है।

आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, चार मुख्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं:

  1. मनिष कुमार - दिल्ली निवासी
  2. पोत्नोरू रामराओ - गांधीनगर निवासी
  3. पोराला कमुंडी - ओडिशा निवासी
  4. अशिश कुमार - साहारा टूर्स एंड ट्रैवल्स के मालिक

एसपी नीहारिका तोमर, रुद्रप्रयाग पुलिस ने बताया कि ये सभी आरोपी शिकायत दर्ज होने के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। BNS, जो भारतीय दंड संहिता (IPC) को बदलने वाली नई कानूनी व्यवस्था है, अब ऐसे साइबर अपराधों पर अधिक कड़ी कार्रवाई की अनुमति देती है।

डीएसपी पुंडीर ने कहा, "रतनाकर ने बताया कि वे आंध्र प्रदेश से आए 25 सदस्यों के समूह का हिस्सा थे। एजेंसी ने पहले ₹15,000 लिया, फिर गुप्तकाशी पहुंचने पर ₹30,000 की अतिरिक्त मांग की। भुगतान होने के बाद भी टिकट नहीं मिले। यह स्पष्ट धोखाधड़ी है।"

बड़े पैमाने पर साइबर अपराध: 550 प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई

बड़े पैमाने पर साइबर अपराध: 550 प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई

यह मामला एक बड़ी समस्या का छोटा सा हिस्सा है। एसपी नीहारिका तोमर ने जानकारी दी कि रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा से जुड़ी हेलीकॉप्टर सेवाओं के नाम पर चल रहे साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने ऐसे 550 डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स के खिलाफ कार्रवाई की है जो श्रद्धालुओं को ठग रहे थे।

26 मई 2026 को जारी एक वीडियो में, जिसमें #KedarnathFraud और #CyberCrime जैसे हैशटैग का उपयोग किया गया था, पुलिस ने इन अवैध प्लेटफॉर्म्स की पहचान की। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कैसे ऑनलाइन दुनिया में धार्मिक यात्राओं का शोषण किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा का मौसम बढ़ने के साथ ही इन अपराधियों की गतिविधियां भी तेज हो जाती हैं।

पृष्ठभूमि और पिछले मामले

पृष्ठभूमि और पिछले मामले

केदारनाथ धाम तक पहुँचने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की मांग बहुत अधिक है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर स्वास्थ्य वाले यात्रियों के बीच। इस उच्च मांग का फायदा उठाते हुए, कई फर्जी वेबसाइटें और कॉल सेंटर सक्रिय रहते हैं।

पिछले वर्षों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, एक अन्य मामले में आंध्र प्रदेश के 22 भक्तों से ₹2.65 लाख की ठगी की गई थी, जहां फर्जी वेबसाइटों और कॉलों के जरिए केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर धोखा दिया गया था। हालांकि, वर्तमान मामला उससे कहीं बड़ा है क्योंकि इसमें एक संगठित एजेंसी शामिल है और राशि भी अधिक है।

उत्तराखंड पुलिस साइबर क्राइम यूनिट ने 2026 की यात्रा के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी है। SP Niharika Tomar के निर्देशन में, पुलिस अब यात्रियों को चेतावनी दे रही है कि वे केवल सरकारी वेबसाइटों या मान्यता प्राप्त एजेंटों के जरिए ही बुकिंग करें।

Frequently Asked Questions

केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट के लिए ठगी कैसे की जाती है?

ठग आमतौर पर यात्रियों को कम कीमत पर टिकट बुक करने का झांसा देते हैं। एक बार भुगतान हो जाने के बाद, वे यात्रियों से अतिरिक्त राशि मांगते हैं, claiming कि 'एक्स्ट्रा सर्विस' या 'पेमेंट गैप' है। जब यात्री अतिरिक्त राशि दे देते हैं, तो ठग गायब हो जाते हैं या टिकट नहीं देते। इस मामले में, ₹15,000 के बाद ₹30,000 की अतिरिक्त मांग की गई थी।

इस मामले में कौन से आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं?

चार आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है: मनिष कुमार (दिल्ली), पोत्नोरू रामराओ (गांधीनगर), पोराला कमुंडी (ओडिशा), और अशिश कुमार (साहारा टूर्स एंड ट्रैवल्स के मालिक)। हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद ये सभी फरार हो गए हैं और पुलिस उन्हें खोज रही है।

पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

गुप्तकाशी पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, रुद्रप्रयाग पुलिस ने केदारनाथ यात्रा से जुड़े 550 फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है ताकि भविष्य में ऐसी ठगियों से रोका जा सके।

यात्री अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं?

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या मान्यता प्राप्त हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाताओं के जरिए ही बुकिंग करें। किसी भी अनोखी मांग या अतिरिक्त भुगतान की बात पर संदेह करें। यदि आपको ठगी का शक हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।